NIT BLOG
Monday, February 18, 2019
संभल जाऊ मै
थाम ले मेरा हाथ के थोड़ा सा संभल जाऊगा मै .
मगर छोड़ जरूर देना वरना फिर तेरा हो जाऊगा मै..
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इश्क के गम
अपना गम किस किस से बोला जाए हैं कितनी परेशानियां इश्क़ में इसे कैसे तौला जाए
चिंता
सबको जीना है सबको मरना हैं छोड़ो ब्यर्थ की चिंता जो नसीब में है वहीं मिलना है
समय
बहुत कुछ सीखा है समय से दिल्लगी भी दिखा दी गरीबी भी दिखा दी अब अमीरी बाकि हैं
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