NIT BLOG
Saturday, February 16, 2019
तेरी नापाक हरकत
रोज किसी पेड़ के कट जाने का किस्सा ना होता
अगर कुल्हाड़ी के पीछे लकड़ी का हिस्सा ना होता..
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इश्क के गम
अपना गम किस किस से बोला जाए हैं कितनी परेशानियां इश्क़ में इसे कैसे तौला जाए
ये रास्ते
नम आँखे कहती है
नम आँखे कहती है मुझे तुम याद आते हो टूटती सांसे कहती है मुझे तुम याद आते हो कभी जो तन्हा बैठू दो घड़ी दुनिया से छुप के मै तो फिसलती ज...
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